औरंगाबाद (बिहार): कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में नवीनगर प्रखंड स्थित ऐतिहासिक व धार्मिक आस्था के केंद्र गजना धाम में दो दिवसीय ‘गजना महोत्सव–2026’ का औपचारिक शुभारंभ हुआ। 02 और 03 नवंबर को आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य जिले की समृद्ध विरासत, लोक कला और आध्यात्मिक पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करना है।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ विधिवत उद्घाटन
महोत्सव का उद्घाटन विधान पार्षद श्री दिलीप कुमार सिंह, कुटुंबा विधायक श्री ललन राम, जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती अभिलाषा शर्मा, पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री उपेंद्रनाथ वर्मा एवं अन्य जन प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक स्वागत गान से हुई।
मधुरिमा बासु के सुरों का बिखरा जादू
उद्घाटन सत्र के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर शुरू हुआ, जिसमें सारेगामापा एवं इंडियन आइडल फेम गायिका मधुरिमा बासु की सुरीली प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत भजन से की। उसके बाद ‘डफली वाले’, ‘मेरे सोना रे’ आदि गानों से उन्होंने समा बांध दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने पहले दिन के आयोजन में चार चांद लगा दिए।
पर्यटन मानचित्र पर स्थापित होगा गजना धाम: डीएम अभिलाषा शर्मा
समारोह को संबोधित करते हुए डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि बिहार-झारखंड सीमा के समीप स्थित गजना धाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर परिसर के विकास और सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है। इंटीग्रेटेड भवन की पेंटिंग, भव्य प्रवेश द्वार और पक्के स्टेज निर्माण का कार्य 65 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। प्रशासन की प्राथमिकता इस पावन स्थल को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर स्थानीय कलाकारों और युवाओं को बेहतर मंच प्रदान करने की है।
सुलभ स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर बल
समारोह में विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह ने महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकजुटता को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने सदर अस्पताल में सिजेरियन प्रसव व स्वास्थ्य सेवाओं में आए सुधारों की भी चर्चा की। वहीं कुटुंबा विधायक ललन राम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु संपर्क पथों का सुदृढ़ीकरण, शौचालय निर्माण, स्वच्छता और हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
दूसरे दिन के कार्यक्रम (03 नवंबर)
महोत्सव के दूसरे दिन स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी जाएगी:
- सुबह 10:00 से 11:00 बजे: पेंटिंग एवं रंगोली प्रतियोगिता।
- सुबह 11:00 से 11:30 बजे: आगंतुक अतिथियों एवं पेंटिंग/रंगोली प्रतिभागियों का सम्मान समारोह।
- पूर्वाह्न 11:30 से अपराह्न 04:00 बजे: स्थानीय कलाकारों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
- अपराह्न 04:00 से 04:30 बजे: स्थानीय कलाकारों व छात्र-छात्राओं का समापन सम्मान समारोह।

