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UPYOG Portal: बिहार में अब घर बैठे मिलेगी नगर निकाय की सारी सेवाए, लॉन्च हुआ 'UPYOG' पोर्टल

Published: November 1, 2026, 1:58 pm
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बिहार के शहरी इलाकों में अब फाइलों के लंबे चक्कर लगाने और दफ्तरों की कतार में खड़े रहने के दिन लदने वाले हैं। राज्य सरकार ने आम नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए हाल ही में ‘UPYOG’ (अर्बन प्लेटफॉर्म फॉर डिलीवरी ऑफ ऑनलाइन गवर्नेंस) पोर्टल की शानदार शुरुआत की है। यह एक ऐसा सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए अब राज्य के सभी 264 नगर निकायों (ULBs) की जरूरी सेवाएं सीधे आपके मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन पर उपलब्ध होंगी।

नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन की तर्ज पर तैयार किए गए इस पोर्टल पर फिलहाल 19 में से 10 सबसे अहम सेवाओं को लाइव कर दिया गया है। अब अगर आपको कोई नया व्यापार शुरू करने के लिए ट्रेड लाइसेंस बनवाना हो, उसका रिन्यूअल कराना हो, या फिर घर के लिए पानी और सीवरेज का नया कनेक्शन लेना हो, तो इसके लिए नगर निगम के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं है। यहां तक कि नए घर के निर्माण के लिए बिल्डिंग प्लान (नक्शा) पास कराने की जटिल प्रक्रिया भी अब पूरी तरह से ऑनलाइन कर दी गई है। इसके साथ ही, मोहल्ले में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट या जलजमाव जैसी जनसमस्याओं की शिकायत दर्ज कराने और उसे ट्रैक करने की सुविधा भी इसी पोर्टल पर मौजूद है।

इस नई डिजिटल पहल का सबसे बड़ा फायदा पारदर्शिता है। अब हर आवेदन की एक डिजिटल ट्रैकिंग होगी, जिससे लेटलतीफी और भ्रष्टाचार दोनों पर कड़ी लगाम लगेगी। नागरिकों के लिए सुविधाओं के अलावा, इस सिस्टम ने नगर निगम के आंतरिक कामकाज—जैसे संपत्ति, सरकारी वाहनों के बेड़े, कानूनी मामलों और वित्तीय प्रबंधन—को भी पूरी तरह से पेपरलेस और व्यवस्थित कर दिया है। इससे अधिकारियों के काम में तेजी आएगी और उनकी जवाबदेही भी तय होगी।

इस पोर्टल का इस्तेमाल करना भी बेहद आसान बनाया गया है। किसी भी सेवा का लाभ उठाने के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट upyog.bihar.gov.in पर जाना होगा। वहां एक बुनियादी सिटिजन रजिस्ट्रेशन करने के बाद, आप अपना जिला और नगर निकाय चुन सकते हैं। इसके बाद संबंधित सेवा का फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, एड्रेस प्रूफ या प्रॉपर्टी के कागजात) अपलोड करें और अंत में ऑनलाइन फीस जमा कर दें।

बिहार सरकार का यह कदम राज्य के डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। ‘उपयोग’ पोर्टल न सिर्फ आम आदमी के समय और पैसे की भारी बचत करेगा, बल्कि बिहार के शहरों को स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर भी साबित होगा।