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टेलीमेडिसिन सेवा में औरंगाबाद बिहार में अव्वल, 33,595 परामर्श के साथ लगातार पहले स्थान पर कायम

Published: November 3, 2026, 9:44 pm
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पटना/औरंगाबाद: डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में औरंगाबाद जिले ने बिहार में एक नई उपलब्धि हासिल की है। टेलीमेडिसिन के माध्यम से मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श उपलब्ध कराने के मामले में औरंगाबाद लगातार राज्य में पहले स्थान पर बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी 31 अक्टूबर 2026 की जिला स्तरीय रैंकिंग में औरंगाबाद ने 33,595 टेली-कंसल्टेशन दर्ज कर शीर्ष स्थान हासिल किया है।

जिला प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों से जिले में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। खास बात यह है कि इस उपलब्धि के साथ औरंगाबाद ने पटना और पूर्णिया जैसे जिलों को भी पीछे छोड़ दिया है।

पटना और पूर्णिया से आगे निकला औरंगाबाद

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 31 अक्टूबर तक राज्य के प्रमुख जिलों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

  • औरंगाबाद – 33,595 टेली-कंसल्टेशन
  • पटना – 33,123 टेली-कंसल्टेशन
  • पूर्णिया – 29,888 टेली-कंसल्टेशन

औरंगाबाद और पटना के बीच 472 परामर्श का अंतर रहा। इससे जिले की बढ़त का अंदाजा लगाया जा सकता है।

एक दिन में 1,047 परामर्श की बढ़ोतरी

जिले के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 30 अक्टूबर को औरंगाबाद 32,548 टेली-कंसल्टेशन के साथ राज्य में पहले स्थान पर था। अगले ही दिन यह संख्या बढ़कर 33,595 पहुंच गई। यानी महज 24 घंटे के भीतर 1,047 अतिरिक्त टेली-कंसल्टेशन दर्ज किए गए।

यह आंकड़ा जिले में टेलीमेडिसिन सेवा के लगातार इस्तेमाल और इसके प्रति लोगों की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मिल रही बड़ी राहत

टेलीमेडिसिन सेवा का सबसे अधिक फायदा ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को मिल रहा है। अब सामान्य स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाले मरीज भी विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें हर बार बड़े अस्पतालों या जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ता।

इस व्यवस्था से मरीजों के आने-जाने का खर्च और समय दोनों बच रहे हैं। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और ऐसे मरीजों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो रही है, जिन्हें छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर स्थित अस्पतालों तक पहुंचने में परेशानी होती है।

स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने पर जोर

जिला प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को टेलीमेडिसिन सेवा का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने तथा ग्रामीण स्तर तक इसका लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा से जुड़ें और जरूरत पड़ने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह प्राप्त कर सकें।

औरंगाबाद की यह उपलब्धि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जमीनी स्तर पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। हालांकि, इस रैंकिंग को बनाए रखने के साथ-साथ अब चुनौती यह भी होगी कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से मिलने वाला परामर्श मरीजों के लिए नियमित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बना रहे।

डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में औरंगाबाद का लगातार बेहतर प्रदर्शन जिले के लिए सकारात्मक संकेत है। यदि इसी तरह सेवाओं का विस्तार होता रहा तो आने वाले समय में ग्रामीण मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उनके नजदीक ही उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी सफलता मिल सकती है।